मुख्य आरोपियों सहित 3 के तलाश में रिश्तेदारों, परिचितों के घर तक पुलिस दी दस्तक
अंबिकापुर। सड़क हादसे के बाद हत्या करने की नीयत से मारपीट कर ट्रांसपोर्टर को गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को रायपुर भागते समय के विशेष पुलिस टीम ने साइबर सेल के सहयोग से गिरफ्तार किया। आरोपी अपने हाथ में पहने कड़ा से वार करके ट्रांसपोर्टर को गंभीर चोट पहुंचाया था। वायरल वीडियो में आरोपी ट्रांसपोर्टर पर कड़ा से जानलेवा हमला करते स्पष्ट नजर आ रहा है। मामले में मुख्य आरोपी सहित तीन फरार हैं, इनके तलाश में पुलिस लगी है। मुख्य आरोपी पूरे परिवार के साथ गायब है, जिसके तलाश में पुलिस इनके रिश्तेदारों, परिचितों के घर तक दस्तक दे चुकी है। वहीं मुख्य आरोपियों को भगाने में सहयोग करने वाला भी अपने मकान और दुकान में ताला लगाकर फरार हो गया है।
बता दें कि सूरजपुर के पुराना बस स्टैंड निवासी संजय सिंह ने थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 28 मार्च की रात को करीब 10.15 बजे वे अपनी थार कार से रामानुजगंज नाका, चौक तरफ जा रहे थे। रास्ते में शिवधारी कॉलोनी मोड़ के पास पहुंचे, इस दौरान सामने से आ रही काले रंग की कार का चालक अपने कार को अचानक मोड़ दिया। ब्रेक मारने के बाद भी अचानक सामने आई कार के पिछले हिस्से में थार कार टकरा गई थी। इसके बाद वे मौके पर रूके, इस दौरान कार का चालक वसीम कुरैशी, मोनू कुरैशी, अनुराग राजवाड़े एवं आयुष दास उन्हें कार से उतारकर गाली-गलौज करते हुए हत्या करने की नीयत से हाथ-मुक्का, लात, लाठी और बिजली के ट्रांसफार्मर, खंभे में बलपूर्वक मारकर प्राणघातक चोट पहुंचाए थे। रिपोर्ट पर मामले में थाना गांधीनगर में धारा 296, 351(3), 115(2), 3(5), 109(1) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस ने विवेचना में ली और अपराधियों के तलाश में लगी है। पुलिस सभी आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देने में लगी है। आरोपियों के तलाश दौरान मुखबिर की सूचना एवं तकनीकी संसाधनों की मदद से मामले में शामिल आरोपी अनुराग राजवाड़े को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जो पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए रायपुर भाग रहा था। पुलिस टीम अनुराग राजवाड़े उर्फ गोली पिता ऋषि कुमार राजवाड़े 22 वर्ष निवासी शिवधारी कॉलोनी को बिलासपुर-रायपुर मार्ग से भागने के दौरान पकड़कर हिरासत में ली। पूछताछ के दौरान आरोपी ने घटना दिनांक को वसीम कुरैशी, मोनू कुरैशी एवं आयुष दास के साथ मिलकर ट्रांसपोर्टर संजय सिंह को कार से उतारकर गाली-गलौज करते हुए हत्या करने की नियत से हाथ, मुक्का, लात एवं लाठी से मारकर प्राणघातक चोट पहुंचाना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हाथ में पहने हुए कड़ा को जप्त कर लिया है। अन्य फरार आरोपियों के तलाश में पुलिस लगी है। कार्रवाई में थाना गांधीनगर से उप निरीक्षक रश्मि राज सिंह, साइबर सेल से सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, स्पेशल टीम प्रभारी विवेक पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक नवल दुबे, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, आरक्षक सत्येन्द्र दुबे, संजीव चैबे, राहुल सिंह, आनंद गुप्ता, मनीष सिंह, रमेश राजवाड़े सक्रिय रहे।
करीबी विश्वासपात्र ने मुख्य आरोपियों के फरार होने में किया सहयोग
सूरजपुर निवासी ट्रांसपोर्टर संजय सिंह पर जानलेवा हमला के मामले में फरार आरोपियों की तलाश में जुटी विशेष पुलिस टीम को महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी है। पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि घटना के बाद शहर में बने तनाव और आक्रोश के माहौल के बीच आरोपी वसीम फिरोज और वसीम कुरैशी अपने माता-पिता के साथ शहर से फरार हो गए। इन्हें भगाने में ब्रम्ह रोड अंबिकापुर में रहने वाले एक करीबी दोस्त और विश्वासपात्र नौशाद शमशाद मलिक की अहम भूमिका सामने आई है। इसकी कार से ही आरोपी फरार हुए हैं। इसके बाद पुलिस के टारगेट में नौशाद भी आ गया है। आरोपी बिलासपुर के मंगल चौक स्थित शुभम विहार कॉलोनी में अपनी बहन के घर पर ठहरे थे, यहां भी अंबिकापुर से गई विशेष पुलिस टीम दस्तक दे चुकी है। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज एकत्रित किया है, जिससे वसीम कुरैशी का अपने करीबी नौशाद शमशाद मलिक के कार से फरार होने का पर्दाफास हुआ। वर्तमान में नौशाद भी अपने दोनों मोबाइल फोन को स्विच ऑफ करके गायब हो गया है। खरसिया नाका में स्थित नौशाद का दुकान व घर दोनों बंद रहने से पुलिस इसे भी तलाश रही है।
