कृषि अधिकारियों व थाने में शिकायत करके दुकान संचालक के विरूद्ध कार्रवाई की मांग
अंबिकापुर। शहर के एक कृषक ने मक्का का गुणवत्ताहीन और डुप्लीकेट बीज दुकानदार के द्वारा देने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत कृषि विभाग के अधिकारियों और कोतवाली थाना प्रभारी से की है। आरोप है कि दुकान संचालक के द्वारा अच्छे किस्म और नामी कंपनी का बीज बताकर उन्हें दिया गया था। यह आश्वासन भी दिया गया था कि बीज खराब निकलने पर बीज का पूरा मूल्य वह वापस कर देगा। किसान ने अपने खेत में मजदूरों के माध्यम से मक्का का बीज लगवाया, इसके बाद उन्हें करीब 2 लाख रुपये की क्षति पहुंची है। बरेजपारा अंबिकापुर निवासी मो. जाकिर हुसैन ने कोतवाली थाना में दिए आवेदन में बताया है कि बरगीडीह और खाराकोना में उनकी कृषि भूमि है। 22 दिसम्बर 2024 को मक्का का बीज लेने के लिए वे दरिमा चौक के पास स्थित रितु इंटरप्राइजेज गए थे। दुकान संचालक ने अच्छे क्वालिटी का मक्के का बीज होना बताते हुए इसे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। दुकानदार ने बताया था कि एक एकड़ में मक्का का बीज लगाने से 40 क्विंटल फसल का उत्पादन होगा। उसकी बातों में आकर उन्होंने 14 पैकेट मक्का का बीज ले लिया, जिसका वजन 56 किलो और कीमत 22 हजार 400 रुपये था। बीज देते समय रितु इंटरप्राइजेज के संचालक ने उन्हें आश्वस्त किया था कि उत्पादन सही नहीं होने पर वह बीज का पूरा मूल्य वापस कर देगा। साथ ही समय-समय पर खेत में जाकर फसल का एजेंट के द्वारा मुआयना करने की बात कही गई थी। इसके बाद किसान उक्त बीज को बरगीडीह और खाराकोना में स्थित अपनी भूमि पर मजदूरों के माध्यम से बोवाई करवा दिया था। अंकुरित बीज आधा-अधूरा निकलने पर उन्हें बीज की क्वालिटी को लेकर संदेह हुआ, क्योंकि बोवाई के 15 दिन बाद मक्के के फसल में महज 4 से 6 इंच की ही वृद्धि हुई थी। इसकी सूचना मोबाइल फोन से उन्होंने बीज दुकान के संचालक को दी और खेत में आकर फसल की स्थिति देखने के लिए कहा। दुकानदार ने किसान को आश्वासन दिया कि वह उनके खेत में फसल के निरीक्षण के लिए एजेंट को भेज रहा था लेकिन आज दिनांक तक लगाए गए फसल की स्थिति को देखने के लिए कोई नहीं पहुंचा। 10 जनवरी 2025 को रितु इंटरप्राइजेज जाकर उन्होंने दुकान संचालक से खराब बीज देने की बात कहते हुए रुपये वापस करने के लिए कहा, जिस पर वह टाल-मटोल करते हुए कंपनी में इसकी सूचना देने की बात कहा। दुकानदार का कहना था कि कंपनी के द्वारा इसकी जांच की जाएगी, इसके बाद ही वह लिए गए बीज का पैसा वापस कर पाएगा। तीन माह बीत गए, किसी प्रकार की क्षतिपूर्ति किसान को नहीं मिल पाई है। किसान ने नकली बीज थमाकर ठगी करने का आरोप बीज दुकान के संचालक पर लगाया है और संबंधित के विरूद्ध अपराध दर्ज करने का आग्रह किया है।
खेती के लिए डेढ़ लाख रुपये लिया कर्ज
कृषक मो. जाकिर हुसैन ने बताया कि वह मक्का की खेती करने के लिए डेढ़ लाख रुपये बरगीडीह बैंक से कर्ज लिया था, जिससे वह खाद, बीज खरीदा था। उन्हें उम्मीद थी कि जिस तादाद में उन्होंने मक्के की खेती की है, उससे कम से कम 3 लाख का फसल उन्हें मिलेगा, जिससे वे बैंक का कर्ज अदा करने के साथ कुछ मुनाफा कमा लेंगे। इसके विपरीत उन्हें दो लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
कृषि विभाग के अधिकारी कर रहे जांच
किसान ने कृषि विभाग के अधिकारियों से नकली बीज दुकानदार के द्वारा थमाने की शिकायत की है, जिस पर स्थानीय और बाहर से आए अफसर मौका मुआयना करने के लिए पहुंचे हैं। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि दुकानदार के द्वारा नकली बीज थमाकर कितने किसानों को चपत लगाई गई है। कृषक मो. जाकिर हुसैन ने बताया कि कई छोटे कृषक भी बीज के नाम पर ठगी का शिकार हुए हैं। गांव में कई कृषकों को टमाटर की खेती में भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।

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